हवा में कांपा एयरक्राफ्ट, शहर के बीच मौत से आंख-मिचौली… प्रयागराज में एयरफोर्स का ट्रेनिंग प्लेन क्रैश, पायलट पैराशूट से कूदकर बचे
प्रयागराज। प्रयागराज में बुधवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भारतीय वायुसेना (IAF) का एक ट्रेनिंग माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट शहर के बीचों-बीच क्रैश हो गया। हादसा दोपहर करीब 12 बजे के आसपास केपी कॉलेज के पीछे हुआ, जब एयरक्राफ्ट हवा में लड़खड़ाता हुआ नजर आया और कुछ ही सेकंड में एक तालाब में जा गिरा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक आसमान से तेज आवाज सुनाई दी और लोग घबराकर बाहर निकल आए। एयरक्राफ्ट गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और दोनों पायलट सुरक्षित बच गए।
✅ हवा में डगमगाया एयरक्राफ्ट, फिर तालाब में समाया
स्थानीय लोगों ने बताया कि एयरक्राफ्ट काफी देर तक हवा में असंतुलित होकर डोल रहा था। लोगों को जब स्थिति गंभीर लगी तो कई लोग चिल्लाने लगे। कुछ ही पलों में तेज धमाके जैसी आवाज हुई और विमान नीचे गिर पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “एयरक्राफ्ट ऊपर से डोल रहा था… लोग चिल्लाने लगे… और फिर तेज आवाज के साथ वह गिर पड़ा…”
हादसा जिस स्थान पर हुआ, उसके आसपास स्कूल और रिहायशी कॉलोनियां मौजूद हैं। लोगों का कहना है कि यदि विमान थोड़ी सी भी दिशा बदलता तो यह हादसा सैकड़ों लोगों की जान ले सकता था।
⭐ हीरो मोमेंट: क्रैश से पहले पायलटों ने पैराशूट से लगाई छलांग
इस पूरे हादसे का सबसे बड़ा पहलू यह रहा कि एयरक्राफ्ट में सवार दोनों पायलटों ने क्रैश से कुछ सेकंड पहले पैराशूट के जरिए छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान बच गई।
दोनों पायलट तालाब में गिरे और कुछ देर के लिए दलदल में फंस गए, लेकिन मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
➡️ दोनों पायलट सुरक्षित हैं।
➡️ किसी आम नागरिक को चोट नहीं आई।
🛠️ तकनीकी खराबी बनी हादसे की वजह
एयरफोर्स की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह माइक्रोलाइट ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट बरेली एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरने के बाद तकनीकी खराबी का शिकार हुआ। पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए एयरक्राफ्ट को सुनसान इलाके की ओर मोड़ा, ताकि शहर में लोगों को नुकसान न पहुंचे।
अधिकारियों के अनुसार, पायलटों की सतर्कता और समय पर लिए गए फैसले से बड़ा हादसा टल गया।
📍 3 किलोमीटर दूर माघ मेला क्षेत्र… बड़ा खतरा टला
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्रैश साइट से माघ मेला क्षेत्र लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर है। यदि विमान उस क्षेत्र के ऊपर गिरता, तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।
🔍 कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एयरफोर्स ने घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी बैठा दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि—
निष्कर्ष
प्रयागराज में हुआ यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है। हालांकि इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन शहर के बीच ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश होना कई सवाल खड़े करता है। फिलहाल दोनों पायलट सुरक्षित हैं और जांच की प्रक्रिया जारी है।